समाजसेवी संस्था
‘औरतों का काम’: विकास सेक्टर में लैंगिक भेदभाव दिखता नहीं, तो क्या है नहीं?
कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव कई बार दिखाई नहीं देता है, इसलिए इसे पहचानना और इस पर बात करना जितना जरूरी है, उतना ही इसके समाधान के लिए ठोस नीतियां बनाना भी।सरल कोश: एडवोकेसी
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश - विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या– एडवोकेसी।सोशल सेक्टर में एंट्री करने वालों के लिए सलाहनामा
पहली सलाह - जोश में आओ, पर होश में रहो! इससे आगे नीचे पढ़ें।फील्ड वर्कर के साथ, उनके मन की बात
फील्ड में काम कर रहे कार्यकर्ता सब की बात सुनते हैं, लेकिन कई बार अपनी बात कह नहीं पाते।समुदाय से संवेदना तक: मानसिक स्वास्थ्य में भागीदारी का सफर
जब कोई कार्यक्रम किसी लोगों के अनुभवों से मिलकर तैयार किया जाए तो वह अधिक मानवीय, नवीन और समानता आधारित होता है।सरल कोश: फिलान्थ्रॉपी
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - फिलान्थ्रॉपी।जातिवाद के आईने में समाज: दलित साहित्य की पांच जरूरी किताबें
दलित साहित्य पढ़कर हम समझ पाते हैं कि जातिवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके उन्मूलन के लिए किस प्रकार के सामाजिक और मानसिक परिवर्तनों की जरूरत है।सरकारी योजना 404: लाभ नॉट फाउंड
सरकारी योजनाएं सबके लिए हैं, बस धैर्य आपका मजबूत हो और उम्र लंबी।फोटो निबंध: ग्रामीण कचरा प्रबंधन के मिथक
कचरे की समस्या को एक शहरी चुनौती की तरह देखा जाता है लेकिन असल में यह आंकड़ों की अनुपलब्धता है जो गांवों की सही तस्वीर को सामने आने से रोकती है।ग्रांट गुरू- एआई जो फंडिंग दिलाए, चुटकियों में!
अप्रैल फूल के मौके पर लॉन्च हो रहा है ‘ग्रांट गुरू’ एआई टूल! जो संस्थाओं को फंडिंग दिलाने, फंडर से बातचीत करने और बेहतरीन प्रपोजल बनाने में मदद करता है– वह भी चुटकियों में!