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भारत में विकलांगता पेंशन योजना की असफलता के कारण क्या हैं?
भारत में विकलांगता पेंशन योजना के असफल होने की वजह कम आर्थिक मदद, सख्त नियम और अलगाव करने वाले पात्रता मानदंड हैं, इन्हें कैसे बदला जा सकता है? -
क्या शिमला शहर का अस्तित्व अब संकट में है?
शिमला उदाहरण है कि कैसे कोई शहर अनियोजित निर्माण, जलवायु परिवर्तन तथा असंगत विकास नीतियों के चलते अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने पर मजबूर हो सकता है। -
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बंकर रॉय: ‘साधारण से समाधान को लागू करना सबसे अधिक कठिन होता है’
बेयरफुट कॉलेज के संस्थापक बंकर रॉय से उनकी यात्रा में आने वाली चुनौतियों और उनसे मिलने वाले अनुभवों और सीख पर, पत्रकार रजनी बख्शी से हुई बातचीत। -
डिजिटल वित्त सेवाएं महिलाओं के लिए कारगर कैसे बनें?
महिला उद्यमियों के सामने आने वाली बैंक कर्ज से जुड़ी चुनौतियों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं के जरिए दूर किया जा सकता है लेकिन इसके लिए नीतियों और प्रक्रियाओं को महिलाओं के मुताबिक ढालने की जरूरत है। -
क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था में सुधार का वक्त आ गया है?
हमें राजनीति में खेल के नियमों को बदलने की जरूरत है क्योंकि इसने सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को राजनीतिक प्रक्रिया पर हावी होने दिया है। -
एफआरए के तहत सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों का दावा कैसे कर सकते हैं?
विभिन्न राज्यों में एफआरए पर काम कर रहे दो जानकारों से जानिए कि आदिवासी समुदायों तक उनके वन अधिकार पहुंचाने की प्रक्रिया और चुनौतियां क्या हैं। -
बीते तीन महीनों से मणिपुर में हो रही हिंसा के प्रभाव की कहानी
मणिपुर में सामाजिक न्याय के लिए महीनों से चल रहे संघर्ष और हिंसा की पूरी कहानी और यह भी कि आप कहां और कैसे मददगार बन सकते हैं। -
समाजसेवी संस्थाएं क़ानून निर्माण की प्रक्रिया में जन-सहभागिता को कैसे संभव बनाती हैं
जन-समुदायों को कानून बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की ज़मीनी पकड़ और समझ का फायदा उठाया जा सकता है। -
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विमुक्त जनजातियों पर पुलिसिया पहरे के पीछे जातिवाद है
अंग्रेज़ी राज में बनी आपराधिक न्याय प्रणाली आज भी पुलिस के लिए विमुक्त जनजातियों और पिछड़े समुदायों के उत्पीड़न का हथियार बन रही है। -