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सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 1
सरकार से जुड़ने से पहले संस्थाओं को न केवल यह मालूम होना चाहिए कि उन्हें कहां और किस स्तर पर जुड़ना है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इससे सरकार को क्या लाभ होगा।फोटो निबंध: अवसरों की कमी और आजीविका के संकट से जूझते डोकरा कलाकार
झारखंड के डोकरा कलाकार पीतल से सजावटी सामान और कलाकृतियां बनाते हैं, लेकिन अब उनके लिए इस कला को जारी रख पाना एक चुनौती बन गया है।सरकारी आंकड़े जंगलों के क्षेत्रफल के साथ गुणवत्ता की भी बात क्यों नहीं करते?
जंगल से जुड़े सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करती पर्यावरण जानकार, देबादित्यो सिन्हा और हृदयेश जोशी की एक बातचीत।भारतीय राजनीति में विकलांग प्रतिनिधित्व की कठिन राह
विकलांग जनों को व्यवस्थागत पूर्वाग्रहों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को असंभव न सही, लेकिन बहुत मुश्किल जरूर बना देता है।घुमंतू और विमुक्त जनजाति के युवाओं के लिए सामाजिक न्याय
एनटी-डीएनटी एक्टिविस्ट और अनुभूति संस्था की संस्थापक, दीपा पवार से सुनिए कि सामाजिक न्याय के व्यावहारिक प्रयास कैसे होने चाहिए।फोटो निबंध: समय के साथ बहे जलाशय, अब संवारने की बारी
बुंदेलखंड में गणतंत्र दिवस की थीम ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ को सदियों पुराने पारंपरिक जलाशयों के पुनरोद्धार के माध्यम से साकार किया जा रहा है।त्रिपुरा में समाजसेवी संगठनों के काम करने के लिए एक गाइड
भौगोलिक अलगाव के अलावा त्रिपुरा में समाजसेवी संगठनों के सामने और भी कई बाधाएं हैं, जिनसे निपटने में उनका लचीलापन और आपसी साझेदारियां मददगार साबित हो सकते हैं।सरकार का बजट, संस्थाओं की कैसे मदद कर सकता है?
सरकार का बजट, संस्थाओं के लिए न केवल उसकी नीतियों को जानने का माध्यम है, बल्कि इससे उन्हें अपने कार्यक्रमों की प्लानिंग करने में भी मदद मिल सकती है।