विकास सेक्टर
पोषण और स्वास्थ्य की सरकारी नीतियों से बहुत दूर है जमीनी हकीकत
पोषण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसा दृष्टिकोण चाहिए जो समुदाय की पोषण संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति तंत्र की दक्षता के बीच संतुलन कायम कर सके।हर दर्द का डिजिटल इलाज
अधिकार हो या रोजगार, डिजिटल में है सबका उपचार।संस्थाओं की बुनियादी फंडिंग की कुंजी
भाषा और प्रक्रियाओं में सूक्ष्म बदलाव से आप अपनी संस्था की बुनियादी जरूरतों के लिए फंड सुनिश्चित कर सकते हैं।सोशल सेक्टर की समस्याओं के लिए, स्टार्टअप के समाधान
क्या कभी ऐसा हुआ है कि सोशल सेक्टर की चुनौतियां और मुद्दे बताते ही किसी ने आपके सामने उनका हल ऐप, वाईफाई, एआई वगैरह से चुटकियों में निकालने का दावा रख दिया हो।सपनापुर से हिंदी दिवस का हालचाल
आम जनता के लिए हिंदी के मायने जितने समान हैं, उतने ही अलग भी हैं।पंचायत से परामर्श तक: मानसिक स्वास्थ्य की अहम कड़ी
केरल में एक गैर-लाभकारी संस्था की स्थानीय शासन तंत्र के साथ साझेदारी दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जनस्वास्थ्य प्रणाली में कैसे शामिल किया जा सकता है।कॉन्वेंट में पढ़कर भी तुम्हें सोशल सेक्टर में काम करना है, क्यों?
ऐसे ही कुछ सवाल और प्रतिक्रियाएं जो मेरा परिवार मेरी विकास सेक्टर की नौकरी पर करता रहता है।सरल कोश: कन्वर्जंस
कन्वर्जंस यानी साझा प्रयास—जहां योजनाएं, संस्थाएं और लोग मिलकर एक ही लक्ष्य के लिए काम करते हैं। इस एपिसोड में जानिए यह विकास सेक्टर में कैसे प्रभाव बढ़ाता है।भारत के आपदा प्रबंधन में पशुओं को भी जगह मिलनी चाहिए
भारत में आपदा प्रबंधन नीतियों में पशुओं को शामिल करना सिर्फ संवेदनशीलता का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े तबके की आजीविका का भी सवाल है।बेहतरी के लिए सीखना: लर्निंग और डेवलपमेंट के आयाम
विकास सेक्टर में लर्निंग और डेवलपमेंट की क्या उपयोगिता है और इसकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कौन से कदम उठाये जा सकते हैं।